छत्तीसगढ़

नर्सिंग शिक्षा को सशक्त करने की पहल, सरभोका में आयोजित हुआ पुस्तक विमोचन कार्यक्रम

मो.फारूक की रिपोर्ट 

सरभोका (एमसीबी)। एमसीबी के ग्राम सरभोका स्थित के.बी. पटेल कॉलेज ऑफ नर्सिंग में आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विकास मंत्री राम विचार नेताम मुख्य अतिथि और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल अतिथि के रूप में शामिल हुए।

यह कार्यक्रम नर्सिंग एवं शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध हुआ, जहाँ ज्ञान, संस्कृति और अनुशासन का प्रभावशाली संगम देखने को मिला।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि विमोचित पुस्तक विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग जैसे सेवा-प्रधान क्षेत्र में ज्ञान के साथ-साथ संवेदना, अनुशासन और समर्पण का विशेष महत्व है। ऐसी शैक्षणिक पुस्तकें विद्यार्थियों को न केवल पाठ्यक्रम में, बल्कि व्यवहारिक जीवन में भी मार्गदर्शन प्रदान करती हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर अध्ययन, कर्तव्यनिष्ठा और मानव सेवा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाने का आह्वान किया।


इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार के माननीय कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर सकारात्मक पहल कर रही है।

नर्सिंग शिक्षा को सशक्त बनाकर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए कॉलेज प्रबंधन को बधाई दी।


कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष एम.सी.बी. श्रीमती चंपा देवी पावले, चिरमिरी नगर निगम के महापौर राम नरेश राय, के.बी. पटेल कॉलेज ऑफ नर्सिंग के चेयरमैन चंद्रकांत पटेल एवं डायरेक्टर श्री बारीक विशेष रूप से उपस्थित रहे।

अतिथियों ने पुस्तक विमोचन के साथ-साथ कॉलेज की शैक्षणिक उपलब्धियों एवं शैक्षणिक वातावरण की सराहना की।
कार्यक्रम को यादगार बनाने में कॉलेज की छात्राओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

छात्राओं द्वारा प्रस्तुत विभिन्न सांस्कृतिक नृत्य एवं रंगारंग कार्यक्रमों ने उपस्थित अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया। प्रस्तुतियों में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति की स्पष्ट झलक देखने को मिली, जिसे सभी ने सराहा।


अंत में कॉलेज प्रबंधन द्वारा अतिथियों का स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

यह आयोजन न केवल पुस्तक विमोचन तक सीमित रहा, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, प्रेरणा एवं सामाजिक दायित्व की भावना को सुदृढ़ करने वाला भी सिद्ध हुआ।

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